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मार्च, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

'पहरा' के कार्यकर्ताओं का 2 दिवसीय आवधिक प्रशिक्षण

 'पहरा'  के कार्यकर्ताओं का 2 दिवसीय (28 व 29 मार्च 2025) आवधिक प्रशिक्षण परियोजना कार्यालय में संपन्न हुआ | इन 2 दिवस में कार्यकर्ताओं ने खबर के आधार पर मुद्दों/समस्याओं का चिन्हीकरण करते हुए उस पर किये जा सकने वाले संवैधानिक हस्तक्षेप के बारे में जाना/समझा | कार्यशाला की कुछ झलकियाँ-  

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 कानून के बारे में दिव्यांगों को किया जागरुक

संस्था 'पहरा' के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार मौर्य  जी द्वारा दिनांक 26 व 27 मार्च 2025 को वाराणसी जनपद के मुर्दहा स्थित संस्था  "जन विकास समिति"  के प्रांगण में कुल 4 राज्यों से आये 22 दिव्यांगजन (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड) को  "दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016"  के विभिन्न धाराओं के बारे में जानकारी देते हुए कैसे बिना किसी सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाये अपने अधिकारों की प्राप्ति हेतु ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं के बारे में ऑनलाइन शिकायत करवाकर जानकारी दिया गया साथ ही अधिकार न मिलने की स्थिति में कैसे  "सूचना अधिकार अधिनियम 2005"  कानून का प्रयोग करके सूचना माँगा जाये उसका भी प्रयोग करके बताया गया ताकि दिव्यांगजन अपने साथ जुड़े अन्य दिव्यांगजनों को उनका अधिकार दिलाने में सहयोग करे सकें | कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ-

‘पहरा’ संस्था का प्रेरणादायक कदम: किशोरियों ने ईद पर बांटी खुशियां

संस्था  'पहरा'  द्वारा वाराणसी जनपद में दिनांक 22-03-2025 को  अलईपुर वार्ड, नक्खीघाट मोहल्ले  में कुल  25 किशोरियों (उम्र 5 से 12 वर्ष) को वस्त्र वितरित किए गए । ये वस्त्र  'पहरा सिलाई प्रशिक्षण केंद्र'  में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली किशोरियों द्वारा स्वयं सीखने के बाद तैयार कर दान किए गए थे, जो कि  समानता, सेवा और सामूहिक उत्तरदायित्व  की संवैधानिक भावना को दर्शाता है। यह पहल संविधान के  अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध प्रतिबद्धता) और अनुच्छेद 39 (संतुलित विकास का निर्देश)  जैसे मौलिक आदर्शों को साकार करती है। यह न केवल किशोरियों में  स्वावलंबन  और  सामाजिक उत्तरदायित्व  की भावना विकसित करता है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए  न्याय और समानता  की ओर एक सकारात्मक प्रयास भी है। 'पहरा'  संस्था का यह प्रयास यह दर्शाता है कि जब युवा, विशेषकर  बालिकाएं , संविधान की भावना को आत्मसात कर समाज के प्रति उत्तरदायी बनती हैं, तो एक  सशक्त, संवेदनशील और समताम...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर सिलाई केंद्र की किशोरियों ने जाना "घरेलु हिंसा अधिनियम-2005 कानून"

8 मार्च 2025 को   अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिलाई केंद्र की किशोरियों/महिलाओं को तीन तलाक कानून की लड़ाई लड़ने वाली सायरा बानो के संघर्ष को दिखाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए इनके योगदान को दिखाया गया साथ ही घरेलु हिंसा अधिनियम 2005 की जानकारी भी दिया गया | केंद्र की कुल 22 किशोरियों ने जानकारी प्राप्त किया |

कुपोषण से बचाव हेतु बच्चों को मिलने वाली पोषाहार की प्राप्ति न होने के संबंध में नक्खीघाट-वाराणसी की पिंकी ने 'पहरा' के सहयोग से पाया अपना अधिकार