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कुपोषण से बचाव हेतु बच्चों को मिलने वाली पोषाहार की प्राप्ति न होने के संबंध में जलालीपुरा-वाराणसी के इब्राहिम ने 'पहरा' के सहयोग से पाया अपना अधिकार

 






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हथकरघा विभाग के अधिकारियों का 'पहरा' कार्यालय दौरा: बुनकरों को मिला समाधान और सहयोग का आश्वासन

हथकरघा विभाग के अधिकारियों का 'पहरा' कार्यालय दौरा: बुनकरों को मिला समाधान और सहयोग का आश्वासन 03 जून 2025 को दीनदयालपुर वार्ड स्थित पुरानापुल बस्ती में ‘पहरा’ संस्था द्वारा लगाए गए जागरूकता शिविर के दौरान हथकरघा विभाग, वाराणसी के पर्यवेक्षक श्री विश्वनाथ विश्वकर्मा द्वारा संस्था के कार्यकर्ताओं को धमकाने एवं परेशान करने की घटना के संबंध में ‘पहरा’ द्वारा की गई शिकायत पर आज विभाग ने संज्ञान लिया। इस क्रम में “हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग - वाराणसी” के वस्त्र निरीक्षक श्री बनारसी दास कुशवाहा एवं क्षेत्रीय निरीक्षक श्री अमजद अली 12 जून 2025 को पहरा कार्यालय पहुँचे। इस दौरान कार्यालय में पहले से उपस्थित बुनकरों से अधिकारियों ने संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। बुनकरों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का यथासंभव समाधान भी मौके पर दिया गया। अधिकारियों ने भविष्य में ‘पहरा’ संस्था द्वारा आयोजित किए जाने वाले शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में विभागीय सहयोग और सहभागिता का पूर्ण आश्वासन भी दिया। यह संवाद संस्था और विभाग के बीच आपसी समझ और क्षेत्रीय बुनकर समुदाय के हितों ...

पानी के लिए तरसता सरैया: जब अधिकार बना संघर्ष का कारण

  स्थान: सरैया वार्ड, वाराणसी दिनांक: 08/07/2025 "पानी हर किसी का अधिकार है, न कि किसी की कृपा।" यही भावना थी उस बैठक की, जो ‘पहरा’ संस्था द्वारा वाराणसी के सरैया वार्ड में अशरफ अली जी के आवास पर आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य था – सरैया के लोगों को वर्षों से झेलनी पड़ रही पीने के पानी की समस्या पर खुलकर चर्चा करना और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना। चार साल और अनसुनी आवाज़ें बैठक में शामिल समुदाय के लोगों ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से लगातार पानी की समस्या को लेकर नगर निगम, पार्षद, और यहां तक कि मेयर तक से गुहार लगा चुके हैं। हर बार उन्हें आश्वासन मिला, पर नतीजा शून्य रहा। कुछ घरों में पानी कई-कई दिनों तक नहीं आता , तो कुछ को गंदा और अनुपयोगी पानी मिल रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और विकराल हो जाती है। संविधान क्या कहता है? ‘पहरा’ ने बैठक में एक महत्वपूर्ण बात रखी – “पीने का स्वच्छ पानी प्राप्त करना केवल सुविधा नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है।” संविधान का अनुच्छेद 21 – जीवन जीने का अधिकार – और अनुच्छेद 32 – संवैधानिक उपचारों का...