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सरैया वार्ड की खातून बीबी को आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज से वंचित किए जाने पर 'पहरा' ने उठाई आवाज़

वाराणसी | सरैया वार्ड

सरकारी योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं जब वे ज़रूरतमंदों तक पहुंचें। लेकिन सरैया वार्ड की खातून बीबी को आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पिछले 5 महीनों से इलाज नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि सूची में सिर्फ खातून बीबी का नाम था, और परिवार के अन्य सदस्य शामिल नहीं थे।

निजी अस्पतालों ने यह कहकर इलाज करने से मना कर दिया कि जब तक पूरा परिवार सूची में न हो, तब तक किसी एक व्यक्ति का इलाज संभव नहीं है। यह तर्क न सिर्फ अनुचित है बल्कि योजना के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।

इस बीच दानियालपुर निवासी साजिदा जी, जिनका राशन कार्ड 'पहरा' संस्था के सहयोग से बना था, ने खातून बीबी को 'पहरा' का संपर्क दिया। आज खातून बीबी अपने पति और बहन के साथ 'पहरा' कार्यालय पहुँचीं।

मामले की गंभीरता को समझते हुए, 'पहरा' की कार्यकर्ता किरण जी द्वारा तत्काल एक प्रार्थना पत्र तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), वाराणसी के दुर्गाकुंड कार्यालय में जमा कराया गया।
इसके साथ ही ईमेल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई गई, ताकि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को शीघ्र संज्ञान में ले और खातून बीबी का इलाज शुरू हो सके।








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