✨ किशोरियों ने सीखा – हमारे संवैधानिक अधिकार
पहरा संस्था द्वारा संचालित सिलाई केंद्र की 16 किशोरियों के लिए संस्था के परियोजना कार्यालय में दिनांक 23-24 अगस्त 2025 को दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को संवैधानिक अधिकारों से परिचित कराना और उन्हें यह समझाना था कि वे अपने अधिकारों के हनन की पहचान कैसे कर सकती हैं।
📌 कार्यशाला की मुख्य बातें
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कार्यशाला की शुरुआत संविधान और उसके महत्व पर चर्चा से हुई।
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किशोरियों को मौलिक अधिकारों जैसे समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, संवैधानिक उपचार का अधिकार आदि के बारे में बताया गया।
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खेल, समूह चर्चा और गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया गया कि अधिकारों का हनन कैसा दिखता है और उसे कैसे पहचाना जा सकता है।
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किशोरियों ने स्वयं अपने जीवन से उदाहरण साझा किए, जिनमें घर और समुदाय में होने वाले अधिकार उल्लंघन को उन्होंने चिह्नित किया।
🌸 किशोरियों की सहभागिता
इस कार्यशाला में किशोरियों ने खुलकर भाग लिया। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए, कई सवाल पूछे और अपने अधिकारों के महत्व को महसूस किया। यह अनुभव उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहा।
🌍 पहरा की पहल
पहरा संस्था का मानना है कि जब किशोरियाँ अपने संवैधानिक अधिकारों को समझेंगी और उनके हनन को पहचान पाएँगी, तभी वे सशक्त नागरिक बन सकेंगी। यही सशक्तिकरण आने वाले समय में उन्हें अपने समुदाय में बदलाव लाने की क्षमता प्रदान करेगा।
✍️ यह कार्यशाला पहरा के उस निरंतर प्रयास का हिस्सा है जिसके माध्यम से संस्था समाज की आधी आबादी को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक कर रही है।








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