आयुष्मान कार्ड पर ईलाज की सफल कहानी
स्थान: सरैया वार्ड, वाराणसी
तिथि: 28 अगस्त 2025
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1. प्रस्तावना
संस्था पहरा समाज के वंचित वर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में सरैया वार्ड की खातून बीबी, जिन्हें आयुष्मान कार्ड होते हुए भी आवश्यक उपचार नहीं मिल पा रहा था, को संस्था द्वारा सहायता प्रदान की गई। यह कहानी एक जमीनी संघर्ष, संवेदनशीलता और प्रशासनिक हस्तक्षेप की मिसाल है।
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2. समस्या का विवरण
खातून बीबी पत्नी श्री नुरुल होदा अपने पति और सास के साथ संस्था पहरा के परियोजना कार्यालय, आशापुर-वाराणसी दिनांक 23/07/2025 को आयीं। वे पथरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड का उपयोग करना चाहती थीं, लेकिन वाराणसी के किसी भी निजी अस्पताल ने उनका इलाज इस कार्ड पर करने से इनकार कर दिया।
मुख्य समस्याएँ:
• आयुष्मान कार्ड की सूची में केवल खातून बीबी का नाम है, परिवार के अन्य सदस्यों का नाम नहीं है।
• दो बार में अलग-अलग ऑपरेशन कराने हैं।
• पिछले 6 महीनों में 10 से अधिक अस्पतालों का चक्कर लगा चुकीं, फिर भी उपचार नहीं हुआ।
• कई बड़े लोगों और नेताओं से संपर्क करने के बावजूद समाधान नहीं मिला।
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3. संस्था से जुड़ने का तरीका
खातून बीबी ने बताया कि उन्हें संस्था के बारे में उनकी बहन से जानकारी मिली, जिनका राशन कार्ड संस्था की मदद से बनवाया गया था। वे आशा लेकर संस्था पहुँचीं कि उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
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4. संस्था द्वारा की गई पहल
समस्या की गंभीरता को देखते हुए संस्था ने तुरंत दो कार्यकर्ताओं—दीपक और किरन—को खातून बीबी के साथ इनके माध्यम से लिखित शिकायत तैयार कर 23/07/2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी के कार्यालय में प्रार्थना पत्र देने हेतु भेजा ।
वापसी पर संस्था ने समस्त PMJAY अधिकारियों को मेल के माध्यम से पीड़िता की समस्या से अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप अगले ही दिन 24/07/2025 को PMJAY अधिकारियों ने जवाब दिया कि पीड़िता किसी भी सूचीबद्ध निजी अस्पताल में उपचार करा सकती हैं। यदि कोई समस्या हो तो उच्च अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर समाधान पाया जा सकता है।
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5. समाधान और प्रभाव
दिनांक 28/08/2025 को खातून बीबी के पति नुरुल होदा ने फोन कर बताया कि उनकी पत्नी का नि:शुल्क ऑपरेशन निजी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के जरिये सुनिश्चित हो गया। पिछले 6 महीनों में समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था, लेकिन संस्था पहरा के हस्तक्षेप से उन्हें उपचार मिल सका।
उन्होंने संस्था का धन्यवाद किया और कहा कि प्रशासनिक मदद और सही मार्गदर्शन के बिना उन्हें न्याय नहीं मिल पाता।
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6. निष्कर्ष
यह कहानी दर्शाती है कि:
• सही जानकारी और मार्गदर्शन गरीब और वंचित परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच दिलाने में सक्षम बनाता है।
• प्रशासन से संवाद और निरंतर प्रयास समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
• संवेदनशील और सक्रिय नागरिक संस्थाएँ समाज में न्याय और समानता सुनिश्चित करने में केंद्रीय भूमिका निभा सकती हैं।
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7. आगे की योजना
• आयुष्मान कार्ड से वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें सहायता प्रदान करना।
• अस्पतालों में सेवा से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक शिकायत प्रक्रिया को मजबूत करना।
• स्वास्थ्य योजनाओं पर जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाना।
हथकरघा विभाग के अधिकारियों का 'पहरा' कार्यालय दौरा: बुनकरों को मिला समाधान और सहयोग का आश्वासन 03 जून 2025 को दीनदयालपुर वार्ड स्थित पुरानापुल बस्ती में ‘पहरा’ संस्था द्वारा लगाए गए जागरूकता शिविर के दौरान हथकरघा विभाग, वाराणसी के पर्यवेक्षक श्री विश्वनाथ विश्वकर्मा द्वारा संस्था के कार्यकर्ताओं को धमकाने एवं परेशान करने की घटना के संबंध में ‘पहरा’ द्वारा की गई शिकायत पर आज विभाग ने संज्ञान लिया। इस क्रम में “हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग - वाराणसी” के वस्त्र निरीक्षक श्री बनारसी दास कुशवाहा एवं क्षेत्रीय निरीक्षक श्री अमजद अली 12 जून 2025 को पहरा कार्यालय पहुँचे। इस दौरान कार्यालय में पहले से उपस्थित बुनकरों से अधिकारियों ने संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। बुनकरों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का यथासंभव समाधान भी मौके पर दिया गया। अधिकारियों ने भविष्य में ‘पहरा’ संस्था द्वारा आयोजित किए जाने वाले शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में विभागीय सहयोग और सहभागिता का पूर्ण आश्वासन भी दिया। यह संवाद संस्था और विभाग के बीच आपसी समझ और क्षेत्रीय बुनकर समुदाय के हितों ...
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