आयुष्मान भारत योजना के क्रियांवयन पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी द्वारा जनसूचना के तहत दिया गया भ्रामक जवाब
कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी
पत्रांक– मु०चि०अ०/आयुष्मान/Advisory/2025-26/434
दिनांक: 18/12/2025
कार्यालय ज्ञाप
समस्त आबद्ध चिकित्सालय,
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना,
वाराणसी।
विषय: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के समुचित क्रियान्वयन के संबंध में।
पूर्व में ही दिये गये निर्देशों के क्रम में पुनः अवगत कराना है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आपके चिकित्सालय में भर्ती एवं सभी (एम०एन०जे०ओ०टी०, पंडित दीनदयाल कैशलेस, सी०टी०एच०ए०) योजनान्तर्गत लाभार्थियों/मरीजों को नियमानुसार समुचित निःशुल्क इलाज/सुविधा प्रदान किया जाना है। यदि किसी भी दशा में मरीज के परिजन से इलाज हेतु शुल्क लिया गया है तो उसे तत्काल मरीज/परिजन को वापस किया जाए, अन्यथा की दशा में नियमानुसार आबद्धता निरस्त करने हेतु उच्च अधिकारी एवं राज्य स्तर (साक्ष्य) को संदर्भित कर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही साथ यह भी ध्यान रखा जाये कि 70 वर्ष से अधिक की उम्र के समस्त वरिष्ठ व्यक्तियों को आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित है। अतः उनसे वय वंदना योजना कार्ड के बारे में विशेष जानकारी प्राप्त की जाए और कार्ड उपलब्ध न होने की दशा में उन्हें कार्ड बनवाने में तत्काल मदद की जाए।
-
चिकित्सालय में भर्ती होने वाले सभी रोगियों से इस आशय का सहमति पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाए कि “रोगी आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड धारक, एम०एन०जे०ओ०टी०, पंडित दीनदयाल कैशलेस, सी०टी०एच०ए० कार्ड धारक है अथवा नहीं।” साथ ही चिकित्सालय द्वारा यह अवश्य इंगित कर दिया जाए कि वह किस–किस विशेषता हेतु योजना से आबद्ध है।
-
समस्त आबद्ध चिकित्सालय द्वारा आयुष्मान भारत योजना संबंधित प्रचार–प्रसार हेतु IEC मटेरियल, प्रवेश स्थल/RECEPTION, हेल्प डेस्क, KIOSK को अद्यतन करते हुए कार्यालय में सचित्र किया जाए। बनाए गए हेल्प डेस्क पर आयुष्मान मित्र की उपस्थिति के साथ–साथ उनके व चिकित्सालय के दूरभाष नंबर को भी प्रदर्शित किया जाए। इस संबंध में आप सभी को दिनांक 27-12-2022 एवं दिनांक 09-09-2025 को पत्र के माध्यम से भी पूर्व में निर्देशित किया गया था।
-
यूपी० क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स 2016 की धारा 28 (DISPLAY OF INFORMATION) का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अपने चिकित्सालय/परिसर में अपनी चिकित्सीय इकाई का नाम, योजना अन्तर्गत स्पेशलिटी, रजिस्ट्रेशन नंबर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, ओपीडी की सुविधा एवं चिकित्सालय द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं तथा चिकित्सालय कर्मचारियों (चिकित्सक व नर्स आदि) का विवरण 5×3 फीट का एक डिस्प्ले बोर्ड, जिसका बैकग्राउंड पीला फॉर्मेट, हिन्दी अक्षर रंग काला के अनुसार स्पष्ट अक्षरों में चिकित्सालय के मुख्य द्वार के पास प्रदर्शित कराया जाए।
-
सचिव के पत्र संख्या– AB-PMJAY/Advisory/2021/1145, दिनांक–16-08-2021 तथा पत्रांक– ABPMJAY/4311/322979/2025, दिनांक–29-10-2025 को संलग्न करते हुए प्राप्त Advisory आपको पुनः भेजी जा रही है। तदनुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करें।
-
विगत कुछ समय से यह भी देखा जा रहा है कि 6ः माह से पूर्व निरस्त किये गये दावों को स्वीकार किये जाने का अनुरोध किया जाता है, सचिव से प्राप्त निर्देश के क्रम में ऐसे निरस्त दावों पर नियमानुसार जिला स्तर पर विचार नहीं किया जाना है।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें