पोषाहार वितरण में अनियमितता एवं कथित घोटाले के संबंध में पहरा–वाराणसी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
मामले में प्रस्तुत जवाब में DPO (जिला कार्यक्रम अधिकारी), वाराणसी द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण को न्यायालय ने असंतोषजनक मानते हुए उसे खारिज कर दिया है।
माननीय न्यायालय ने जिलाधिकारी, वाराणसी को निर्देशित किया है कि याचिका में लगाए गए सभी आरोपों तथा संलग्न अनुपूरक शपथपत्र में वर्णित तथ्यों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच सुनिश्चित की जाए।
यह आदेश पोषाहार योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा तथा योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहरा–वाराणसी ने हमेशा से संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों को संस्थागत स्तर पर उठाने का कार्य किया है। संस्था ने कहा है कि न्यायालय का यह आदेश आम जनता, विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं के पोषण अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक पहल है।


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